डूब क्षेत्र में रह रहे कामगारों को बिजली कनेक्शन देने की मांग को लेकर भारतीय किसान परिषद का धरना नौवें दिन भी जारी रहा, जिसमें लगभग 3000 लोगों ने भाग लिया।
नोएडा, 20 फरवरी 2026।
सेक्टर 16 स्थित बिजली विभाग के मुख्य कार्यालय पर भारतीय किसान परिषद द्वारा आयोजित धरना प्रदर्शन शुक्रवार को नौवें दिन भी जारी रहा। यह आंदोलन डूब क्षेत्र में निवास कर रहे कामगार वर्ग को बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने की मांग पर केंद्रित था। प्रदर्शन में लगभग 3000 लोगों ने भाग लिया, जिनमें महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही।
धरना स्थल पर सुबह से ही लोग एकत्रित होने लगे। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर कहा कि बिजली कनेक्शन उनके बुनियादी अधिकार में शामिल है। उनका कहना था कि डूब क्षेत्र के कामगार परिवार लंबे समय से इस सुविधा से वंचित हैं, जिससे उनके जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। बच्चों की पढ़ाई, महिलाओं की सुरक्षा और दैनिक जीवन सभी प्रभावित हो रहे हैं।
धरने के दौरान प्रशासनिक अधिकारी भी स्थल पर पहुंचे और वार्ता का प्रयास किया। एडीएम बच्चू सिंह, एडीसीपी नोएडा सीपी प्रथम नोएडा, बिजली विभाग के एडिशनल इंजीनियर और अन्य एसडीओ ने प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की। अधिकारियों ने प्रस्ताव रखा कि इस मुद्दे पर मेरठ स्तर पर प्रबंध निदेशक के साथ समाधान निकाला जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल ने इस प्रस्ताव पर विचार करते हुए कहा कि वार्ता उच्च स्तर पर ही होनी चाहिए। उनका कहना था कि जब तक निर्णायक स्तर पर ठोस आश्वासन नहीं मिलता, धरना जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने पहले मुकदमों को वापस लेने का आश्वासन दिया था, लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी यह कार्यवाही नहीं हुई।
धरने को संबोधित करते हुए सुखबीर खलीफा ने कहा कि जो अपने वादों पर कायम नहीं रहता, उसकी विश्वसनीयता संदिग्ध हो जाती है। उन्होंने कहा कि यदि बिजली कनेक्शन नहीं दिए गए, तो धरना और तेज किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि धरना तभी समाप्त होगा जब डूब क्षेत्र के कामगारों को बिजली कनेक्शन मिल जाए।
महिलाओं ने मंच से कहा कि बिजली के अभाव में उनकी अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अंधेरे में सुरक्षा की समस्या उत्पन्न होती है और बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और केवल बुनियादी अधिकारों की मांग कर रहा है।
भारतीय किसान परिषद ने कहा कि उनका उद्देश्य संघर्ष नहीं, बल्कि संवाद के माध्यम से समाधान प्राप्त करना है। संगठन के पदाधिकारियों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई करने की अपील की, ताकि क्षेत्र में असंतोष समाप्त हो सके।
नौवें दिन बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति यह दर्शाती है कि आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन प्राप्त है। यदि शीघ्र समाधान नहीं मिला तो आने वाले दिनों में आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच अगली वार्ता पर सबकी नजरें टिकी हैं।
