नोएडा
नोएडा के सेक्टर 150 में युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज पुरोहित की दर्दनाक मौत के मामले को लेकर मंगलवार को जिला कांग्रेस कमेटी गौतमबुद्ध नगर ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला ने किया। उनके साथ कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने इस घटना को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही और जवाबदेही के अभाव का परिणाम बताया।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मौके पर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और यह जानने का प्रयास किया कि किन परिस्थितियों में यह हादसा हुआ। पार्टी नेताओं का कहना था कि जिस स्थान पर यह घटना हुई, वहां प्रशासनिक अमला मौजूद होने के बावजूद सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया, जिसके चलते एक होनहार युवा की जान चली गई।
प्रशासनिक लापरवाही का आरोप
घटनास्थल पर मीडिया और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला ने कहा कि युवराज पुरोहित की मौत को सामान्य दुर्घटना मानकर नहीं देखा जा सकता। उनके अनुसार यह घटना शासन-प्रशासन की घोर लापरवाही, असंवेदनशीलता और जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति को उजागर करती है।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से यह हादसा हुआ, उससे साफ है कि संबंधित विभागों और अधिकारियों ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी की। “यदि समय रहते आवश्यक एहतियाती कदम उठाए गए होते और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होते, तो शायद आज युवराज जीवित होता,” उन्होंने कहा। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक चूक के कारण ही एक प्रतिभाशाली युवा को अपनी जान गंवानी पड़ी।
पीड़ित परिवार से मुलाकात
घटनास्थल के निरीक्षण के बाद जिला कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से उनकी सोसायटी में जाकर मिला। कांग्रेस नेताओं ने परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर संभव संघर्ष का भरोसा दिलाया। नेताओं ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ी है और इस मामले को दबने नहीं देगी।
इस दौरान युवराज पुरोहित के चाचा संजय मेहता की दूरभाष पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष Ajay Rai से बात कराई गई। अजय राय ने परिवार से बातचीत में गहरा दुख व्यक्त किया और आश्वस्त किया कि कांग्रेस पार्टी इस मामले को गंभीरता से लेगी। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए पार्टी हर स्तर पर संघर्ष करेगी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
एफआईआर और सख्त कार्रवाई की मांग
जिला कांग्रेस अध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला ने मांग की कि इस घटना के लिए जिम्मेदार प्राधिकरण के अधिकारियों और अन्य दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए। उन्होंने कहा कि केवल अधिकारियों के तबादले कर देना पर्याप्त नहीं है और इससे न्याय नहीं होगा।
उन्होंने स्पष्ट कहा, “जब तक दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ऐसी घटनाएं दोहराती रहेंगी। जिम्मेदारी तय करना जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह का दुख न झेलना पड़े।”
इसके साथ ही उन्होंने पीड़ित परिवार को संवेदनापूर्वक आर्थिक सहायता दिए जाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार की यह जिम्मेदारी है कि पीड़ित परिवार को तत्काल राहत दी जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस और प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए।
राज्य सरकार पर निशाना
इस मौके पर दीपक भाटी चोटीवाला ने राज्य सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा शासन में आम नागरिक की जान की कोई कीमत नहीं रह गई है। उन्होंने कहा कि नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में लापरवाही के कारण लगातार हो रही मौतें सरकार की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक विफलता को उजागर करती हैं।
उन्होंने कहा, “लगातार हो रही ऐसी घटनाएं यह सवाल खड़ा करती हैं कि आखिर प्रशासन और सरकार जनता की सुरक्षा को लेकर कितनी गंभीर है।” कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक हालात नहीं सुधरेंगे।
कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी रहे मौजूद
इस दौरान जिला कांग्रेस के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें गौतम अवाना, रिज़वान चौधरी, आर. के. प्रथम, अरुण गुर्जर, अरविंद रेक्सवाल, सुबोध भट्ट, बसंत कुमार और अमित बरहेला सहित अन्य कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल थे। सभी ने एक स्वर में युवराज पुरोहित को न्याय दिलाने की मांग की।
संघर्ष जारी रखने का संकल्प
दौरे के अंत में जिला कांग्रेस कमेटी ने स्पष्ट किया कि वह इस मामले को राजनीतिक, प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर लगातार उठाती रहेगी। नेताओं ने कहा कि युवराज पुरोहित की मौत प्रशासन के लिए चेतावनी है और यह जरूरी है कि भविष्य में नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
कांग्रेस नेताओं ने दोहराया कि पार्टी तब तक चुप नहीं बैठेगी, जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल जाता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक व्यक्ति की मौत का नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा गंभीर प्रश्न है।
