केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जनवरी के पहले सप्ताह में अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के दौरे पर जाएंगे। एक अधिकारी ने मंगलवार को इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि गृह मंत्री इस दौरान गृह मंत्रालय की संसदीय परामर्शदात्री समिति की बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
अधिकारियों के अनुसार, अमित शाह 2 जनवरी को पोर्ट ब्लेयर पहुंचेंगे, जहां उनका स्वागत अंडमान एवं निकोबार के उपराज्यपाल एडमिरल डी. के. जोशी (सेवानिवृत्त) द्वारा किया जाएगा।
महत्वपूर्ण बैठकें और कार्यक्रम
गृह मंत्री 3 जनवरी को वांडूर में गृह मंत्रालय की संसदीय परामर्शदात्री समिति की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में केंद्र शासित प्रदेश से जुड़े प्रशासनिक, सुरक्षा और विकास से संबंधित मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
इसके बाद अमित शाह डॉ. बी. आर. आंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (DBRAIT), डॉलीगंज में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। यह कार्यक्रम भारतीय न्याय संहिता (BNS) पर केंद्रित होगा, जिसमें नए आपराधिक कानूनों के प्रभाव और उनके कार्यान्वयन पर चर्चा की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, यह दौरा केंद्र सरकार की अंडमान-निकोबार में प्रशासनिक मजबूती और कानून व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
4 जनवरी को प्रस्थान
अपने सभी निर्धारित कार्यक्रमों को पूरा करने के बाद गृह मंत्री अमित शाह 4 जनवरी को द्वीपसमूह से रवाना होंगे।
गौरतलब है कि इससे पहले अमित शाह ने 12 दिसंबर 2025 को अंडमान-निकोबार का दौरा किया था, जहां उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर की प्रसिद्ध रचना ‘सागर प्राण तलमल’ की 116वीं जयंती के कार्यक्रम में भाग लिया था।
सीडीएस जनरल अनिल चौहान का भी दौरा
इसी क्रम में, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान भी 2 जनवरी को अंडमान-निकोबार पहुंचेंगे।
वे 3 जनवरी को द्वीपसमूह के उत्तरी हिस्से कार निकोबार का दौरा करेंगे और वहां स्थित सामरिक ठिकानों की समीक्षा करेंगे। इसके बाद वे श्री विजय पुरम स्थित अंडमान एवं निकोबार कमांड में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार, गृह मंत्री और सीडीएस का एक साथ दौरा इस बात का संकेत है कि केंद्र सरकार हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की सामरिक स्थिति को और मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है। **
