अभिनेत्री और उद्यमी शिल्पा शेट्टी ने बेंगलुरु स्थित बास्टियन गार्डन सिटी पब के खिलाफ दर्ज मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आरोपों को पूरी तरह निराधार और प्रेरित बताया है तथा कहा है कि उन्हें देश की न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है और अंततः न्याय की जीत होगी।
शिल्पा शेट्टी ने बुधवार को उस समय सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दी, जब बेंगलुरु में दो पबों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए, जिनमें उनके सह-स्वामित्व वाला बास्टियन गार्डन सिटी भी शामिल है। इन पबों पर तय समय सीमा से अधिक देर तक संचालन करने के आरोप लगाए गए हैं। अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक विस्तृत बयान के माध्यम से इन आरोपों को सिरे से खारिज किया और मीडिया से संयम बरतने की अपील की। उनका यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब इस मामले को लेकर पुलिस कार्रवाई और आयकर विभाग की छापेमारी की खबरों के चलते पब और उससे जुड़े लोगों पर सार्वजनिक और मीडिया का दबाव बढ़ गया है।
अपने बयान में शिल्पा शेट्टी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनके खिलाफ और बास्टियन गार्डन सिटी के खिलाफ फैलाए जा रहे आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और उन्हें जानबूझकर आपराधिक रंग देने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस मामले में पहले ही उच्च न्यायालय में क्वैशिंग याचिका दाखिल की जा चुकी है, जो अभी विचाराधीन है। अभिनेत्री ने कहा कि उन्होंने और पब प्रबंधन ने जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग किया है और आगे भी कानून के अनुसार हर स्तर पर सहयोग करते रहेंगे।
शिल्पा शेट्टी का पक्ष, कानूनी स्थिति और मीडिया से संयम की अपील
बास्टियन गार्डन सिटी से जुड़े मामले में शिल्पा शेट्टी की यह प्रतिक्रिया उनकी पहली विस्तृत सार्वजनिक टिप्पणी मानी जा रही है। अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में उन्होंने कहा कि जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे न केवल तथ्यहीन हैं, बल्कि उनके पीछे कोई ठोस कानूनी आधार भी नहीं है। अभिनेत्री के अनुसार, जिन मुद्दों को उठाया जा रहा है, उन्हें जानबूझकर आपराधिक रूप देने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि कानूनन ऐसा कोई आधार मौजूद नहीं है।
शिल्पा शेट्टी ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि उनके कानूनी सलाहकारों ने इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय का रुख किया है और वहां क्वैशिंग याचिका दाखिल की गई है। इस याचिका का उद्देश्य दर्ज किए गए मामले को निरस्त करवाना है। उन्होंने कहा कि चूंकि मामला न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है, इसलिए इसे लेकर अटकलें लगाना या मीडिया ट्रायल करना उचित नहीं है। अभिनेत्री ने भरोसा जताया कि जब अदालत तथ्यों और कानूनी पहलुओं की गहन समीक्षा करेगी, तो सच्चाई स्वतः सामने आ जाएगी।
अपने बयान में शिल्पा शेट्टी ने यह भी कहा कि उन्होंने और पब के प्रबंधन ने जांच प्रक्रिया के दौरान हर स्तर पर सहयोग किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि न तो कोई जानकारी छिपाई गई है और न ही किसी तरह की जांच से बचने की कोशिश की गई है। उन्होंने कानून प्रवर्तन एजेंसियों और न्यायिक प्रणाली पर पूर्ण विश्वास जताते हुए कहा कि उन्हें भरोसा है कि निष्पक्ष जांच और सुनवाई के बाद न्याय अवश्य मिलेगा।
मीडिया को संबोधित करते हुए शिल्पा शेट्टी ने संयम और जिम्मेदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि जब कोई मामला अदालत में लंबित हो, तो उसे लेकर सनसनीखेज रिपोर्टिंग न केवल भ्रामक हो सकती है, बल्कि इससे जनता के बीच गलत धारणा भी बन सकती है। अभिनेत्री ने आग्रह किया कि मीडिया तथ्यों के आधार पर संतुलित रिपोर्टिंग करे और अधूरी जानकारी के आधार पर निष्कर्ष न निकाले।
उनकी इस प्रतिक्रिया में एक व्यापक चिंता भी झलकती है, जो अक्सर सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों द्वारा व्यक्त की जाती है। शिल्पा शेट्टी ने संकेत दिया कि कानूनी प्रक्रिया और सार्वजनिक चर्चा के बीच एक स्पष्ट अंतर होना चाहिए। उनके अनुसार, अदालतों में चल रही प्रक्रियाओं को प्रभावित करने वाली सार्वजनिक अटकलें न्याय की भावना के विपरीत हो सकती हैं। उनके इस बयान को सोशल मीडिया पर व्यापक प्रतिक्रिया मिली, जहां कई लोगों ने उनके संयमित और संतुलित रुख की सराहना की, वहीं कुछ लोगों ने जांच पूरी होने तक स्पष्टता की मांग भी की।
मामले की पृष्ठभूमि, पुलिस और आयकर विभाग की कार्रवाई
बास्टियन गार्डन सिटी से जुड़ा विवाद उस समय सामने आया, जब बेंगलुरु पुलिस ने शहर के दो पबों के खिलाफ मामला दर्ज किया। इन पर आरोप है कि वे निर्धारित समय सीमा से अधिक देर तक संचालित हो रहे थे, जो लाइसेंस शर्तों का उल्लंघन माना जाता है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई शहर में नाइटलाइफ प्रतिष्ठानों पर नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा थी।
बास्टियन गार्डन सिटी का संचालन बास्टियन हॉस्पिटैलिटी द्वारा किया जाता है, जिसकी स्थापना व्यवसायी रंजीत बिंद्रा ने की थी। शिल्पा शेट्टी ने वर्ष 2019 में इस उद्यम में निवेश किया था और वह इस प्रतिष्ठान में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी रखती हैं। बीते कुछ वर्षों में बास्टियन ब्रांड ने भारतीय हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में एक अलग पहचान बनाई है और इसे अपने शानदार माहौल और सेलिब्रिटी ग्राहकों के लिए जाना जाता है। बेंगलुरु का यह आउटलेट, जो चर्च स्ट्रीट के पास स्थित है, शहर के प्रमुख नाइटलाइफ स्थलों में गिना जाता है।
इसी दौरान आयकर विभाग द्वारा बास्टियन के चर्च स्ट्रीट स्थित आउटलेट पर छापेमारी की गई, जिससे इस मामले को लेकर चर्चाएं और तेज हो गईं। हालांकि, आयकर विभाग की इस कार्रवाई के दायरे और निष्कर्षों को लेकर अब तक कोई आधिकारिक विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच प्रक्रिया जारी है और समय आने पर आवश्यक विवरण साझा किए जाएंगे।
इन घटनाओं के साथ ही सोशल मीडिया पर एक सीसीटीवी वीडियो वायरल हुआ, जिसने मामले को और अधिक चर्चा में ला दिया। यह वीडियो कथित तौर पर 11 दिसंबर की रात करीब 1.30 बजे का बताया जा रहा है, जिसमें पब के अंदर दो समूहों के बीच तीखी बहस और हल्की नोकझोंक दिखाई देती है। वीडियो में मौखिक तकरार और कुछ देर का हंगामा नजर आता है, लेकिन किसी गंभीर शारीरिक हिंसा या बड़े कानून-व्यवस्था के उल्लंघन की पुष्टि नहीं हुई है।
हालांकि, इस वीडियो के वायरल होने के बाद कई लोगों ने यह सवाल उठाया कि क्या उस समय पब निर्धारित समय से अधिक देर तक खुला हुआ था। इन अटकलों ने पुलिस मामले को लेकर चल रही चर्चाओं को और हवा दी। शिल्पा शेट्टी ने अपने बयान में सीधे तौर पर इस वीडियो का जिक्र नहीं किया, लेकिन उनके द्वारा लगाए गए आरोपों के खंडन और कानूनी उपायों पर जोर को इस पूरे घटनाक्रम के संदर्भ में देखा जा रहा है।
यह मामला बेंगलुरु में पब और नाइटलाइफ प्रतिष्ठानों को नियंत्रित करने वाले नियमों और उनके क्रियान्वयन को लेकर एक बार फिर बहस का विषय बन गया है। समय-समय पर शहर में संचालन समय, ध्वनि प्रदूषण और लाइसेंस शर्तों को लेकर सख्ती की जाती रही है। प्रशासन का तर्क है कि यह कदम सार्वजनिक शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हैं, जबकि कई व्यवसायी स्पष्ट और एकरूप दिशा-निर्देशों की मांग करते रहे हैं, ताकि भ्रम और विवाद से बचा जा सके।
शिल्पा शेट्टी के लिए यह मामला उनके सार्वजनिक और व्यावसायिक जीवन के बीच एक संवेदनशील संतुलन को दर्शाता है। जहां वह एक सफल अभिनेत्री और टीवी शख्सियत के रूप में जानी जाती हैं, वहीं हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में उनकी भागीदारी ने उन्हें एक व्यवसायी के रूप में भी पहचान दिलाई है। मौजूदा विवाद यह भी दर्शाता है कि जब किसी प्रतिष्ठान से कोई सेलिब्रिटी जुड़ा होता है, तो उस पर सामान्य से कहीं अधिक सार्वजनिक और मीडिया निगरानी होती है।
जैसे-जैसे मामला आगे बढ़ेगा, सभी की नजरें उच्च न्यायालय की सुनवाई और जांच एजेंसियों के निष्कर्षों पर टिकी रहेंगी। शिल्पा शेट्टी का यह कहना कि न्याय अवश्य मिलेगा, उनके इस विश्वास को दर्शाता है कि कानूनी प्रक्रिया निष्पक्ष रूप से सभी पहलुओं की समीक्षा करेगी। तब तक यह मामला कानूनी घटनाक्रमों, आधिकारिक बयानों और शहरी नाइटलाइफ से जुड़े नियमों पर चल रही व्यापक बहस के बीच चर्चा का विषय बना रहेगा।
