भारत का गणतंत्र दिवस, जो प्रतिवर्ष 26 जनवरी को मनाया जाता है, न केवल एक राष्ट्रीय पर्व है, बल्कि यह भारतीय संविधान के लागू होने का भी प्रतीक है। यह दिन भारतीय इतिहास के महत्वपूर्ण पलों में से एक है, जिसमें देश के नागरिकों की एकता, विविधता और गौरव का जश्न मनाया जाता है। यहाँ हम गणतंत्र दिवस से जुड़े 10 रोचक तथ्य प्रस्तुत कर रहे हैं।
1. संविधान की रचना और लागू होना
26 नवंबर 1949 को भारतीय संविधान का निर्माण हुआ और 26 जनवरी 1950 में इसे लागू किया गया। इस दिन को चुनने का कारण यह था कि 1930 में इसी तारीख को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने ‘पूर्ण स्वराज’ का संकल्प लिया था
2. पहला गणतंत्र दिवस समारोह
भारत का पहला गणतंत्र दिवस इरविन स्टेडियम में मनाया गया था। इस अवसर पर भव्य परेड का आयोजन किया गया था, जिसमें 3000 से अधिक सैन्यकर्मी और 100 से ज्यादा विमान शामिल हुए थे
3. पहले मुख्य अतिथि
1950 में इंडोनेशियाई राष्ट्रपति सुकर्णो गणतंत्र दिवस समारोह के पहले मुख्य अतिथि बने थे। यह अतिथि को बुलाने की परंपरा की शुरुआत थी
4. परेड की दूरी 
गणतंत्र दिवस परेड एक लंबी और भव्य परेड होती है, जिसकी दूरी 5 किलोमीटर से अधिक होती है【6†source】.
5. कर्तव्यपथ पर परेड
राजपथ, जिसे अब कर्तव्यपथ कहा जाता है, पर पहली परेड 1955 में आयोजित की गई थी। इससे पहले, परेड का स्थान हर साल बदलता रहता था
6. 21 तोपों की सलामी
जब भारत के राष्ट्रपति गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं, तो उन्हें 21 तोपों की सलामी दी जाती है, जो एक पारंपरिक सम्मान है
7. संविधान का निर्माण समय
संविधान सभा को भारतीय संविधान का ड्राफ्ट तैयार करने में करीब तीन साल लगे। इसमें दो साल, ग्यारह महीने और अठारह दिन का समय शामिल था
8. विश्व का सबस लंबा लिखित संविधान
भारतीय संविधान दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान है। इसके लागू होने के समय इसमें 395 अनुच्छेद औ
र 8 अनुसूचियाँ थीं
9. डॉ. बी.आर. अम्बेडकर की भूमिका
डॉ. बी.आर. अम्बेडकर, जो संविधान सभा की ड्राफ्टिंग समिति के अध्यक्ष थे, ने संविधान के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.
10. संविधान की खूबसूरती 
प्रेम बिहारी नारायण रायजादा द्वारा संविधान का हर एक पन्ना बेहद खूबसूरती से और इटैलिक स्टाइल में लिखा गया था
ये थे गणतंत्र दिवस के बारे में कुछ रोचक तथ्य, जो इस दिन को और भी खास बनाते हैं। यह दिन हमें याद दिलाता है कि कैसे भारत ने अपनी आजादी के बाद एक संप्रभु गणतंत्र के रूप में अपनी पहचान बनाई। यह दिन हमारे इतिहास, संस्कृति और विरासत का जश्न मनाने का अवसर है।
