ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता Neeraj Chopra और उनकी पत्नी Himani Mor ने हरियाणा के करनाल में एक भव्य विवाह रिसेप्शन का आयोजन किया, जिसने पूरे शहर को उत्सव के रंग में रंग दिया। हजारों की संख्या में उमड़े शुभचिंतकों, खेल जगत की हस्तियों, राजनीतिक नेताओं और आम नागरिकों की मौजूदगी ने इस आयोजन को यादगार बना दिया। निजी और सादे विवाह के बाद यह पहला मौका था, जब नवविवाहित जोड़े ने खुले मंच से अपनी खुशी लोगों के साथ साझा की।
करनाल में ऐतिहासिक स्वागत, हजारों मेहमान और विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी
करनाल के The Eden Jannat Hall में आयोजित इस रिसेप्शन की रौनक दोपहर से ही दिखने लगी थी। जैसे ही नीरज चोपड़ा और हिमानी मोर हाथों में हाथ डाले मंच पर पहुंचे, पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा। बड़े स्क्रीन पर उनके विवाह की झलकियां चल रही थीं, जिससे मेहमानों को उनकी निजी शादी के खूबसूरत पलों को देखने का अवसर मिला।
नीरज ने इंडो-वेस्टर्न पोशाक पहनी थी, जिसे मरून पॉकेट स्क्वायर ने खास अंदाज दिया, जबकि हिमानी मरून रंग की डिज़ाइनर लहंगा-चोली में बेहद आकर्षक दिखीं। दोनों की सादगी और आत्मीयता ने मेहमानों का दिल जीत लिया। मंच पर अतिथियों से बातचीत करते, मुस्कराते और शुभकामनाएं स्वीकार करते हुए कई दृश्य सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।
इस समारोह का एक भावुक क्षण तब सामने आया, जब एक छोटे बच्चे ने मंच पर घुटनों के बल बैठकर गुलाब भेंट किया। नीरज ने बच्चे को प्यार से गोद में उठा लिया, जिसने उनकी विनम्रता और मानवीय पक्ष को और उजागर किया। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की लंबी कतारें नवदंपती को बधाई देने और तस्वीरें खिंचवाने के लिए लगी रहीं।
आयोजन की भव्यता को देखते हुए मुंबई की एक पेशेवर इवेंट मैनेजमेंट टीम ने सजावट, लाइटिंग, सुरक्षा और व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाली थी। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस करनाल रिसेप्शन में 25,000 से अधिक मेहमानों को आमंत्रित किया गया था। प्रमुख अतिथियों में रोहतक से सांसद Deepender Hooda और लोकप्रिय हरियाणवी कलाकार Renu Duhan शामिल रहे।
हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Saini भी इस मौके पर उपस्थित रहे और उन्होंने नवदंपती को भगवान राम की प्रतिमा भेंट कर आशीर्वाद दिया। खेल संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और स्थानीय समुदायों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने यह साबित कर दिया कि नीरज चोपड़ा सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बन चुके हैं।
निजी विवाह से सार्वजनिक खुशी तक, दिल्ली में अगला भव्य समारोह
हरियाणा के पानीपत ज़िले के खंडरा गांव से ताल्लुक रखने वाले नीरज चोपड़ा ने 16 जनवरी 2025 को हिमानी मोर से विवाह किया था। यह शादी हिमाचल प्रदेश के सोलन स्थित एक रिसॉर्ट में बेहद निजी समारोह के रूप में संपन्न हुई थी, जिसमें केवल परिवार और करीबी मित्र शामिल हुए थे। उस समय नीरज ने अपने व्यस्त प्रशिक्षण और प्रतियोगिता कार्यक्रमों का हवाला देते हुए बड़े आयोजन से दूरी बनाए रखी थी।
करनाल का यह रिसेप्शन उसी अधूरेपन को पूरा करने का अवसर बना, जहां नीरज और हिमानी ने अपने व्यापक शुभचिंतक वर्ग के साथ खुशी साझा की। नीरज के चाचा भीम चोपड़ा के अनुसार, करीब 2,500 औपचारिक निमंत्रण भेजे गए थे, जबकि आमंत्रित संगठनों और आम जनता को मिलाकर कुल मेहमानों की संख्या 25,000 से अधिक रही।
रिसेप्शन से पहले नीरज और हिमानी ने व्यक्तिगत रूप से प्रधानमंत्री Narendra Modi और पूर्व राष्ट्रपति Ram Nath Kovind से मुलाकात कर उन्हें आमंत्रित भी किया था। हालांकि करनाल कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन यह पहल नीरज को मिले राष्ट्रीय सम्मान को दर्शाती है।
विवाह समारोह का सिलसिला अभी समाप्त नहीं हुआ है। 27 दिसंबर को दिल्ली के The Leela Palace में एक और भव्य रिसेप्शन आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम विशेष रूप से वीआईपी मेहमानों, वरिष्ठ खेल प्रशासकों, राजनेताओं और उद्योग जगत की हस्तियों के लिए रखा गया है।
करनाल के आयोजन में सबसे खास बात यह रही कि इतनी भव्यता और भारी भीड़ के बावजूद माहौल आत्मीय और पारिवारिक बना रहा। नीरज और हिमानी हर अतिथि से विनम्रता के साथ मिले, आशीर्वाद लिया और मुस्कराकर धन्यवाद दिया। कई लोगों के लिए यह किसी सेलिब्रिटी इवेंट से ज्यादा एक स्थानीय नायक के सम्मान में सामूहिक उत्सव जैसा लगा।
यह रिसेप्शन युवा खिलाड़ियों और प्रशंसकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बना। हरियाणा के एक छोटे से गांव से निकलकर ओलंपिक स्वर्ण तक का सफर तय करने वाले नीरज चोपड़ा की शादी को लोग सामूहिक गर्व के रूप में देख रहे थे। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और वीडियो में केवल भव्यता नहीं, बल्कि भावनाएं, संस्कृति और जमीन से जुड़ाव साफ झलक रहा था।
जैसे ही नीरज दोबारा प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धाओं की ओर लौटने की तैयारी करेंगे, करनाल का यह रिसेप्शन उनके जीवन का एक ऐसा ठहराव बनकर रहेगा, जहां उन्होंने व्यक्तिगत खुशी को उन हजारों लोगों के साथ बांटा, जिन्होंने उनके संघर्ष और सफलता की यात्रा को करीब से देखा और सराहा।
