ठंड के मौसम में सुबह जल्दी उठकर वॉक पर जाना सेहत के लिए उचित नहीं माना जाता। हेल्थ एक्सपर्ट्स और डॉक्टर सुबह 4-5 बजे वॉक करने से बचने की सलाह देते हैं। सर्दियों में वॉक करने के सही समय और इसके अधिकतम लाभ के बारे में जानिए।
सुबह की वॉक के फायदे
रोजाना सुबह 1 घंटे की वॉक शरीर को स्वस्थ रखने के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाती है। वॉक न केवल वजन नियंत्रित करने में सहायक है, बल्कि इससे शरीर कई बीमारियों से बचाव कर सकता है। जैसे स्वस्थ आहार शरीर के लिए जरूरी है, वैसे ही फिटनेस के लिए नियमित वॉक आवश्यक है।
सर्दियों, गर्मियों, या बरसात जैसे किसी भी मौसम में वॉक सबसे अच्छा व्यायाम है। हालांकि, हर मौसम के हिसाब से वॉक करने का सही समय बदल जाता है। ठंड के दिनों में सुबह जल्दी उठकर वॉक करने से फायदे की जगह नुकसान हो सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स ठंड में सुबह 4-5 बजे के समय को वॉक के लिए सही नहीं मानते।
सुबह जल्दी वॉक करना क्यों नुकसानदायक हो सकता है?
डॉक्टरों के अनुसार, ठंड के समय सुबह 4-5 बजे वॉक पर जाना हानिकारक हो सकता है। इस दौरान:
– शरीर में खून की गति धीमी होती है।
– वायु प्रदूषण का स्तर अधिक रहता है।
– अत्यधिक ठंड के कारण रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) बढ़ने और हृदय पर दबाव पड़ने की संभावना रहती है।
सर्दियों में वॉक का सही समय
ठंड के दिनों में सुबह 8-9 बजे के आसपास वॉक करना सबसे फायदेमंद माना जाता है। इस समय हल्की धूप निकलने से वातावरण में गर्माहट आ जाती है और शरीर को विटामिन डी प्राप्त होता है।
– विटामिन डी का प्राकृतिक स्रोत: सुबह की धूप विटामिन डी का सबसे अच्छा स्रोत है।
– प्रदूषण स्तर में कमी: इस समय तक वायु प्रदूषण का स्तर भी कम हो जाता है, जिससे वॉक अधिक सुरक्षित और प्रभावी बन जाती है।
अतः सुबह 8 से 10 बजे के बीच वॉक करना स्वास्थ्य के लिए सबसे लाभकारी होता है।
वॉक का सही समय और अवधि
डॉक्टरों की सलाह है कि फिट रहने के लिए रोजाना कम से कम 45 मिनट तक वॉक करें। आदर्श रूप से, आपको दिनभर में 10,000 कदम चलने का लक्ष्य रखना चाहिए।
– वॉक से पहले स्ट्रेचिंग: वॉक शुरू करने से पहले हल्की स्ट्रेचिंग करें।
– धूप का लाभ लें: कुछ समय धूप में बिताएं, जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करने के साथ मन को भी तरोताजा करती है।
सर्दियों में वॉक करते समय सही समय और सावधानियों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। सुबह जल्दी वॉक पर जाने से बचें और हल्की धूप के दौरान वॉक को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। यह न केवल आपकी फिटनेस को बेहतर बनाएगा, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से भी बचाव करेगा।
चिकित्सकों की माने तो मरीजों की संख्या बढ़ने का कारण मौसम का मिजाज बदलना है। अगर इम्यूनिटी सिस्टम स्ट्रॉन्ग है तो यह बीमारी के प्रभाव को कम करने और रिकवरी में तेजी लाने में मदद करता है। डाबर च्यवनप्राश 40 से भी ज्यादा आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का खजाना है, जो इम्यूनिटी स्ट्रॉन्ग करने के लिए बेहतर ऑप्शन है।
